ज़िन्दगी
ज़िन्दगी ने इतना कुछ सिखाया है,
हर पल में कुछ नया ही पाया है ;
क्या पाया कुछ पता नहीं ,
पर हाँ आज खोना भी कुछ पाने से कम नहीं ;
खो कर भी जो सीखा वो ज़िन्दगी में तोहफे सा समाया है,
ज़िन्दगी ने इतना कुछ सिखाया है
ना सोचा था की ज़िन्दगी के एक ,
ऐसे मोड़ पर आ पहुचेंगे की ज़िन्दगी की किताब
के पिछले पन्नो में झांक कर कुछ ख़ुशी न होगी,
ज़िन्दगी में बीते पलों की धुंध और परछाइयों की कमी न होगी ;
क्यूंकि आज भी ज़िन्दगी में उनके कहे हुए झूटों का साया है,
ज़िन्दगी ने इतना कुछ सिखाया है
तो क्या हुआ जो आज अकेले हैं ,
पर हाँ है पता हमें उनकी कमी नहीं ;
अब है महसूस हुआ की ज़िन्दगी अब तक जी ही नहीं ,
इस मोड़ पर हमने आकर ये पाया है ,
की ज़िन्दगी ने इतना कुछ सिखाया है
काश जो जाना है इसे पहले जान लिया होता,
क्या है वो शख्स, उसे पहचान लिया होता,
ये सोच के दिल बहुत पछताया है,
ज़िन्दगी ने इतना कुछ सिखाया है
जाने क्यूँ रह रह के दिल में इक टीस सी उठ रही,
दिल है परेशान और दर्द की लहरें सी उठ रही ;
क्यूँ आज दिल लग रहा दर्द का सरमाया है ,
ज़िन्दगी ने इतना कुछ सिखाया है
आज डूबे हैं तो क्या, कल उबरेगे ज़रूर,
आज हारे हैं तो क्या, कल जीतेंगे ज़रूर;
दुःख के बाद सुख ज़रूर आया है
ज़िन्दगी ने इतना कुछ सिखाया है